हिंदी विभाग
कर्मवीर काकासाहेब वाघ कला, विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय पिंपळगाँव { ब }तह. निफाड, जि. नाशिक कुंभ की पावन नगरी से 30 किलो मीटर की दुरी पर हैं | मराठा विद्या प्रसारक समाज संस्था का यह महाविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित हैं | इस रचनात्मक महाविद्यालय की स्थापना सन 1968 में हुई | संस्था के अग्रज कर्मवीर मा. रावसाहेब थोरात जी के प्रेरक विचारों से अभिभूत महाविद्यालय का हिंदी विभाग हिंदी भाषा की विकास यात्रा में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उपाधि पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है, जो ज्ञानपरक एवं रोजगार-परक हैं । सेमेस्टर पद्धति से स्नातक उपाधि पाठ्यक्रम हिंदी भाषा की विकासयात्रा को गति प्रदान कर रहा है ।
दृष्टिकोण एवं लक्ष्य : –
विभाग एक ऐसी युवा-पीढ़ी का निर्माण करना चाहता है जो समग्र व्यक्तित्व के विकास के साथ रोजगार-कौशल व चारित्रिक-दृष्टि से सम्पन्न हो । हिंदी को वैश्विक एवं भारतीय परिप्रेक्ष्य में सुदृढ़ बनाने में सहायक हो ।
हिन्दी भाषा को अध्यापन, प्रशिक्षण, ज्ञान की वृद्धि और प्रसार के लिए तथा, साहित्य, कला, विज्ञान और अन्य विधाओं में उच्चस्तरीय गवेषणा के लिए शिक्षण का माध्यम बनाना है । विश्व की अन्य भाषाओं के साथ अन्तः सम्बन्ध स्थापित करते हुए हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करना, हिंदी के माध्यम से रोजगार के अवसरों में व्यापकता लाना इस लक्ष्य की और अग्रेसर हैं |
| क्र.सं. | कोर्स का नाम | उपलब्ध स्थान | अवधि | पात्रता | छमाही/वार्षिकी | पाठ्यक्रम | अध्ययन का माध्यम |
| 1. | बी.ए. हिंदी | 120 | 4 वर्ष | 10+2 | छमाही | स्नातक | नियमित |
